Practice question
Question
Directions For Questions
नीचे दिए गए गद्यांश के बाद 5 प्रश्न दिए गए हैं। इस गद्यांश को ध्यान पूर्वक पढ़े और चार विकल्पों में से प्रत्येक प्रश्न का सर्वोत्तम उत्तर चुनें।
बाल श्रम आमतौर पर मजदूरी के भुगतान के बिना या भुगतान के साथ बच्चों से शारीरिक कार्य कराना है। बाल श्रम केवल भारत तक ही सीमित नहीं है, यह एक वैश्विक घटना है। भारतीय संविधान के अनुसार किसी उद्योग, कल-कारखाने या किसी कंपनी में मानसिक या शारीरिक श्रम करने वाले 5 - 14 वर्ष उम्र के बच्चों को बाल श्रमिक कहा जाता है।
संयुक्त राष्ट्र संघ के अनुसार 18 वर्ष से कम उम्र के श्रम करने वाले लोग बाल श्रमिक हैं।
अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन के अनुसार - बाल श्रम की उम्र 5 साल तय की गई है।
अमेरिका में - 12 साल या उससे कम उम्र के लोगों को बाल श्रमिक माना जाता है।
भारत में 1979 में सरकार द्वारा बाल मजदूरी को खत्म करने के उपाय के रूप में गुरूपाद स्वामी समिति का गठन किया गया। जिसके बाद बाल श्रम से जुड़ी सभी समस्याओं के अध्ययन के बाद गुरूपाद स्वामी समिति द्वारा सिफारिश प्रस्तुत की गई, जिसमें दीनता अथवा गरीबी को मजदूरी के मुख्य कारण के रूप में देखा गया और ये सुझाव दिया गया, कि खतरनाक क्षेत्रों में बाल मजदूरी पर प्रतिबंध लगाया जाए एवं उन क्षेत्रों के कार्य के स्तर में सुधार किया जाए | बच्चों की समस्याओं पर विचार करने के लिए एक महत्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय प्रयास उस समय हुआ, जब अक्टूबर 1990 में न्यूयार्क में इस विषय पर 'एक विश्व शिखर सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमें 151 राष्ट्रों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया तथा गरीबी, कुपोषण व भूखमरी के शिकार दुनिया भर के करोड़ों बच्चों की समस्याओं पर विचार-विमर्श किया गया।
भारत में कौन से वर्ष सरकार द्वारा बाल मजदूरी को ख़त्म करने के उपाय के लिए कौनसी समिति का गठन किया गया।
Explanation
गद्यांश के अनुसार 1979, गुरुपाद समिति सही उत्तर है क्योंकि पाठ में इसका स्पष्ट उल्लेख मिलता है।
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