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Question

Directions For Questions
निर्देश: दिए गए गद्यांश के आधार पर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
उज्जैन भारत में क्षिप्रा नदी के किनारे बसा मध्य प्रदेश का एक प्रमुख धार्मिक नगर है। यह ऐतिहासिक पृष्ठभूमि लिये हुआ एक प्राचीन शहर है। उज्जैन महाराजा विक्रमादित्य के शासन काल में उनके राज्य की राजधानी थी। इसको कालिदास की नगरी भी कहा जाता है। उज्जैन में हर 12 वर्ष के बाद 'सिंहस्थ कुंभ' का मेला जुड़ता है। भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक 'महाकालेश्वर' इसी नगरी में है। मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध नगर इन्दौर से यह 55 कि.मी. की दूरी पर है। उज्जैन के अन्य प्राचीन प्रचलित नाम हैं- 'अवन्तिका', ' उज्जयिनी', 'कनकश्रन्गा' आदि। उज्जैन मन्दिरों का नगर है। उज्जैन के इतिहास प्रसिद्ध राजा विक्रमादित्य के दरबार के नवरत्नों में महाकवि कालिदास प्रमुख थे। कालिदास को उज्जयिनी अत्यधिक प्रिय थी। इसी कारण से कालिदास ने अपने काव्य ग्रंथों में उज्जयिनी का अत्यधिक मनोरम और सुंदर वर्णन किया है। महाकवि कालिदास सम्राट विक्रमादित्य के आश्रय में रहकर काव्य रचना किया करते थे। कालिदास ने उज्जयिनी में ही अधिकतर प्रवास किया और उज्जयिनी के प्राचीन एवं गौरवशाली वैभव को बढ़ते देखा। पर कालिदास की मालवा के प्रति गहरी आस्था थी। यहाँ रहकर महाकवि ने वैभवशाली ऐतिहासिक अट्टालिकाओं को देखा, उदयन और वासवदत्ता की प्रेमकथा को अत्यन्त भावपूर्ण लिपिबद्ध किया। भगवान महाकालेश्वर की संध्या कालीन आरती को और क्षिप्रा नदी के पौराणिक और ऐतिहासिक महत्त्व से भली-भांति परिचित होकर उसका अत्यंत मनोरम वर्णन किया, जो आज भी साहित्य जगत् की अमूल्य धरोहर है।
दिए गए विकल्पों में से नौ रत्नों में से कौन एक था?

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Choose one · Correct answer highlighted

Explanation

गद्यांश के अनुसार कालिदास सही उत्तर है क्योंकि पाठ में इसका स्पष्ट उल्लेख मिलता है।

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