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Question

Directions For Questions
निर्देश: दिए गए गद्यांश के आधार पर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए ।
संस्मरण का माध्यम आत्मकथा से प्रेरित होने पर भी शिल्प में उससे भिन्न है। वस्तुत: अकाल्पनिक गद्य-वृत्तों की धारणा सबसे पहले संस्मरण को ही देखकर बनती है । जीवनी और आत्मकथा के साथ इतिहास का संबंध कुछ इस तरह जुड़ा रहा कि उनका साहित्यिक रूप बहुत बाद में विकसित हो पाया, पर संस्मरण आरंभ से ही सर्जनात्मक गद्य का उपयोग करता दिखाई पड़ता है और अपनी व्यापक प्रकृति के कारण विविध गद्य रूपों के बीच केन्द्रीय स्थिति में है । तीव्र भावात्मक गठन और गहरी सर्जनात्मक भाषा के परंपरित काव्य रूप जैसे - उपन्यास, नाटक, कविता आधुनिक त्वरित संचार से उत्पन्न तनावों के युग में सब समय पाठक के लिए रुचिकर नहीं हो पाते | वैसी स्थिति में वह पत्रकारिता के विविध रूपों की ओर उन्मुख होता है जो अपनी प्रकृति से मूलतः सूचनात्मक और वस्तुपरक होते हैं । संस्मरण, रेखाचित्र, रिपोर्ताज जैसे नये गद्य रूप इन दोनों स्थितियों के बीच के अन्तराल में विकसित हुए हैं, और जैसा पहले संकेत किया गया, आधुनिक कला वृत्ति के अनुकूल स्वचेतनता और निर्वैयक्तिकता के विरोधी ध्रुवों के बीच समतुलित क्षेत्र का विस्तार करते हैं |
सूचनात्मक और वस्तुपरक प्रकृति किसकी होती है?

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Explanation

गद्यांश के अनुसार पत्रकारिता के विविध रूपों की सही उत्तर है क्योंकि पाठ में इसका स्पष्ट उल्लेख मिलता है।

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