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Question

Directions For Questions
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर पूछे गए बहुविकल्पीय प्रश्नों के लिए सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प का चुनाव कीजिए
शिरीष तरु सचमुच पक्के अवधूत की भाँति मेरे मन में ऐसी तरंगे जगा देता है जो ऊपर की ओर उठती रहती हैं। इस चिलकती धूप में इतना सरस वह कैसे बना रहता है? क्यों ये बाह्य परिवर्तन-धूप, वर्षा, आँधी, लू-अपने आप में सत्य नहीं हैं? हमारे देश के ऊपर से जो यह मार-काट, अग्निदाह, लूट-पाट, खून-खच्चर का बवंडर बह गया है, उसके भीतर भी स्थिर रहा जा सकता है? शिरीष रह सका है। अपने देश का एक बूढ़ा रह सका था। क्यों मेरा मन पूछता है कि ऐसा क्यों संभव हुआ? क्योंकि शिरीष भी अवधूत है। शिरीष वायुमंडल से रस खींचकर इतना कोमल और इतना कठोर है। गाँधी भी वायुमंडल से रस खींचकर इतना कोमल और इतना कठोर हो सका था। मैं जब - जब शिरीष की ओर देखता हूँ तब तब हूक उठती है - हाय, वह अवधूत आज कहाँ है?
शिरीष को देखकर लेखक के मन में क्या हूक उठती है?

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Explanation

गद्यांश के अनुसार वह अवधूत आज कहाँ गया सही उत्तर है क्योंकि पाठ में इसका स्पष्ट उल्लेख मिलता है।

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