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Question

Directions For Questions
निर्देश: नीचे लिखे गद्यांश को पढिये और पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिये।
मनोहर देवी के कंठ से तुलसीदास का छंद 'कंदर्प' अगणित अमित छवि नवनीलनीरज 'सुन्दरम' सुनकर सुर्जकुमार के न जाने कौन से सोते संस्कार जाग उठे। साहित्य इतना सुन्दर है, संगीत इतना आकर्षक है, उनकी आँखों ने जैसे नया संसार देखा, कानों ने ऐसा संगीत सुना जो मानो इस पृथ्वी पर दूर किसी लोक से आता है। अपनी इस विलक्षण अनुभूति पर वह स्वयं चकित रह गए। अपने सौंदर्य पर जो अभिमान था। वह चूर चूर हो गया।
अंततोगत्वा का अर्थ है:

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Explanation

संस्कार में सम् उपसर्ग है जो कार शब्द से पहले लगकर नया अर्थ बनाता है।

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