Vyakran Revision Notes for Parsing

पद-परिचय (parsing)

पद परिचय

वाक्य में प्रयुक्त शब्द ही पद कहलाते हैं। वाक्य में प्रयुक्त शब्दों का परिचय ही पद-परिचय कहलाता है।

जैसे हम किसी व्यक्ति का परिचय कराते समय उसके नाम, काम, स्थान, आदि के बारे में बताते हैं

ठीक उसी प्रकार वाक्य में आए, संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण क्रिया, संबंधबोधक आदि का परिचय कराना अर्थात् उनके भेद, वचन, लिंग, कारक, काल, तथा शब्दों से संबंध आदि की जानकारी देना ही पद परिचय कहलाता है।

पद परिचय देते समय निम्न बातों को ध्यान में रखना होता है-

शब्दपदपरिचय
संज्ञाभेद, लिंग, वचन, कारक, क्रिया अथवा अन्य शब्दों से संबंध।
सर्वनामभेद, पुरुष, लिंग, वचन, कारक, क्रिया अथवा अन्य शब्दों से संबंध।
विशेषणभेद, लिंग, वचन और विशेष्य की विशेषता।
क्रियाभेद, लिंग, वचन, प्रयोग, धातु, काल, वाच्य, कर्ता और कर्म से संबंध।
क्रिया विशेषणभेद, जिस क्रिया की विशेषता बताई गई हो उसके बारे में निर्देश।
संबंधबोधकभेद, जिससे संबंध है उसका निर्देश।
समुच्चयबोधकभेद, यौगिक शब्दों या वाक्यांशों का निर्देश।
विस्मयादिबोधकभेद अर्थात कौन-सा भाव स्पष्ट कर रहा है।
निपातनिपात/अवधारक

आइए कुछ उदाहरण देखें

अरे वाह! तुम भी पुस्तक पढ़ सकते हो।

  • अरे वाह! – विस्मयादिबोधक, आश्चर्य का भाव।
  • तुम – सर्वनाम (मध्यमपुरुष), एकवचन, पुल्लिंग, कर्ताकारक, ‘पढ़ सकते हो’ क्रिया का कर्ता है।
  • भी – निपात।
  • पुस्तक– संज्ञा (जातिवाचक), स्त्रीलिंग, एकवचन, कर्मकारक, पुस्तक ‘पढ़ सकते   हो’क्रिया का कर्म है।
  • पढ़ सकते हो– क्रिया (सकर्मक), पुल्लिंग, एकवचन, अन्य पुरुष, वर्तमानकाल, कर्तृवाच्य, क्रिया का कर्ता तुम व कर्म पुस्तक।

आसमान में तारे टिमटिमाते है।

  • आसमान में– संज्ञा (जातिवाचक), एकवचन, पुल्लिंग, अधिकरण कारक (कारक ‘में’)
  • तारे– संज्ञा (जातिवाचक), बहुवचन, पुल्लिंग,कर्ताकारक, ‘टिमटिमाते है ‘क्रिया का कर्ता टिमटिमाते है– क्रिया (अकर्मक), बहुवचन, पुल्लिंग, वर्तमान काल, कर्तृ वाच्य, क्रिया का कर्ता ‘तारे’।

हम बाग में गए परंतु वहाँ कोई फूल न मिला।

  • हम- पुरुषवाचक सर्वनाम, उत्तमपुरुष, पुल्लिंग, बहुवचन, कर्ताकारक, ‘गए’क्रिया का कर्ता।
  • बाग में- जातिवाचक संज्ञा, पुल्लिंग, एकवचन, अधिकरण कारक।
  • गए- अकर्मक क्रिया, ‘जा ’धातु, उत्तमपुरुष, पुल्लिंग, बहुवचन, भूतकाल, निश्चयार्थ,   कर्तृवाच्य, कर्तरि प्रयोग, ‘हम’सर्वनाम इसका कर्ता है
  • परंतु-  व्यधिकरण समुच्चयबोधक दो वाक्यों को जोड़ता है।
  • वहाँ-  स्थानवाचक क्रियाविशेषण।
  • कोई-  संख्यावाचक विशेषण, पुल्लिंग, एकवचन, ‘फूल’विशेष्य का विशेषण।
  • फूल-  संज्ञा, जातिवाचक, पुल्लिंग, एकवचन, कर्म कारक।
  • मिला-  सकर्मक क्रिया, मिल धातु, अन्य पुरुष, पुल्लिंग, एकवचन, भूतकाल, निश्चयार्थ,   कर्तृवाच्य, कर्मणि प्रयोग (‘हमें’कर्ता का लोप है) इस क्रिया का कर्म ‘फूल है।

अरे वाह! तुम भी पुस्तक पढ़ सकते हो।

  • अरे वाह!– विस्मयादिबोधक, आश्चर्य का भाव।
  • तुम– सर्वनाम (मध्यमपुरुष), एकवचन, पुल्लिंग, कर्ताकारक, ‘पढ़ सकते हो’ क्रिया का कर्ता है।
  • भी– निपात
  • पुस्तक– संज्ञा (जातिवाचक), स्त्रीलिंग, एकवचन, कर्मकारक, पुस्तक ‘पढ़ सकते हो’क्रिया का कर्म है।
  • पढ़ सकते हो– क्रिया (सकर्मक), पुल्लिंग, एकवचन, अन्य पुरुष, वर्तमानकाल, कर्तृवाच्य, क्रिया का कर्ता तुम व कर्म पुस्तक।

राज वहाँ पाँचवी कक्षा में पढ़ता था।

  • राज-      संज्ञा, व्यक्तिवाचक, पुल्लिंग, एकवचन, कर्ताकारक, ‘पढ़ता था’क्रिया  का कर्ता।
  • वहाँ-      क्रियाविशेषण, स्थानवाचक, ‘पढ़ता था’क्रिया स्थान निर्देश।
  • पाँचवी- विशेषण, क्रम वाचक, निश्चित संख्यावाचक, स्त्रीलिंग, एकवचन, मूलावस्था,
  • कक्षा विशेष का विशेषण।
  • कक्षा में- संज्ञा, जातिवाचक, स्त्रीलिंग, एकवचन, अघिकरण कारक।
  • पढ़ता था- क्रिया, अकर्मक, पढ़ धातु, अन्य पुरुष, पुल्लिंग, एकवचन, भूतकाल, कर्तृवाच्य,  कर्तरि प्रयोग, कर्ता राज।

मैं पिछले साल उसे मुंबई में मिला था।

  • मैं- पुरुषवाचक सर्वनाम (उत्तम पुरुष), पुल्लिंग, एकवचन, कर्ताकारक, (̍ ̍ मिला था ̍ क्रिया का कर्ता)
  • पिछले- विशेषण (साल̍ ̍विशेष्य), पुल्लिंग एकवचन।
  • साल- जातिवाचक संज्ञा, पुल्लिंग, एकवचन, अधिकरण कारक।
  • उसे- पुरुषवाचक सर्वनाम, (अन्य) पुल्लिंग, एवं स्त्रीलिंग दोनों में संभव,एकवचन कर्मकारक।
  • मुंबई में- व्यक्तिवाचकसंज्ञा, पुल्लिंग, एकवचन, अधिकरण कारक।
  • मिला था- सकर्मक क्रिया, पूर्णभूतकाल, एकवचन।

हम अपने देश पर मर मिटेंगे।

  • हम-  सर्वनाम, उत्तम पुरुष, बहुवचन, पुल्लिंग, कर्ता कारक।
  • अपने-  सर्वनाम निजवाचक, पुल्लिंग, एकवचन, संबंधकारक, ̍देश ̍से संबंध ।
  • देश पर-  संज्ञा, जातिवाचक, पुल्लिंग, एकवचन, अधिकरण कारक।
  • मर मिटेंगे- अकर्मक क्रिया, पुल्लिंग, बहुवचन, भविष्यतकाल, उत्तम पुरुष, अपूर्ण पक्ष, कर्तृवाच्य, हम कर्ता की क्रिया।

वह किसे देखता है।

  • वह- पुरुषवाचक सर्वनाम, अन्य पुरुष, एकवचन, पुल्लिंग, कर्ताकारक, देखता है ̍क्रिया का   कर्ता।
  • किसे- प्रश्नवाचक सर्वनाम,पुल्लिंग या स्त्रीलिंग भी, एकवचन कर्मकारक, ̍देखता है̍ ̍ क्रिया का कर्म। देखता है- सकर्मक क्रिया, कर्तृवाच्य, पुल्लिंग, एकवचन, सामान्य वर्तमानकाल, कर्ता वह  के अनुसार कर्तरि प्रयोग, निश्च्यार्थक।
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